$type=slider$snippet=hide$cate=0

भृष्टाचार पर अंकुश की राह में एक कदम

SHARE:

किसी भी देश की उन्नति या अवनति के लिये पूरी तरह  से जिम्मेदारी उसके देशवासियों की होती है । लोग कहते है कि सरकार की नीतियां गलत है । ने...


palash किसी भी देश की उन्नति या अवनति के लिये पूरी तरह  से जिम्मेदारी उसके देशवासियों की होती है । लोग कहते है कि सरकार की नीतियां गलत है । नेता भृष्ट हैं । और भी बहुत कुछ हर किसी को कहते बहुत आसानी से सुना जा सकता है । सरकार की बुराई करते हम नही थकते , मगर क्या हम कभी किसी से अपनी बुराई सुन पाते हैं (जो हम लोगो में होती है) नही । बुराई करना हमारा प्रिय कार्य होता है , मगर दूसरे की अपनी नही । एक प्रश्न उठता है कि आखिर सरकार है क्या – सरकार एक व्यवस्था है , जो उस देश के लोगों के लिये , लोगों के द्वारा चलाई जाती है । तब तो इसका सीधा सा मतलब निकलता है कि कमी लोगों में ही है । अतः इस समय यह नितांत आवश्यक हो जाता है कि हम उन कारणों का विश्लेषण करें जिसके कारण सरकार को दोष दिया जाता है ।


हम सबसे पहले आपका ध्यान देना चाहेंगें महंगाई पर । महंगाई क्यो बढ रही है , क्योकि हम दिन प्रति दिन ज्यादा लालची और गैर जिम्मेदार होते जा रहे हैं । हम ही इसे बढावा देते हैं । एक उदाहरण देती हूँ
ट्रैफिक नियमों के अनुसार एक टैम्पों में ८ सवारी से ज्यादा नही बैठनी चाहिये मगर टैम्पो वाले ११ सवारी से कम पर गाडी ही नही चलाते । और हम सभी किसी ना किसी कारण से इस व्यवस्था के साथ रोज ही चलते हैं । पैसे हम उतने ही देते है जितने ८ सवारियों पर देने होते है । और असर हमारी जेब पर पडता है । हम जब भी जहाँ भी मौका पाते है , बेइमानी करने से पीछे नही हटते ।(कानपुर में तो हमने हमेशा ही ऐसा देखा है )
यकीन करिये अगर आप कभी भी गलत के खिलाफ अपनी आवाज उठाते है तो हो सकता है शुरुआत में कोई आपका साथ ना दे लेकिन कुछ समय के लगातार किये गये प्रयास आपको सफलता और शोहतर जरूर दिलायेंगे ।


दूसरी बात हम रोज ही कहते है कि भृष्टाचार बहुत बढ गया है । हम यह क्यो नही कहते कि हम भृष्ट होते जा रहे है । जब तक हम भृष्ट नही होगें कोई भी देश भृष्ट कैसे हो सकता है ।जमीन के लिये बेटा पिता को भी मारने से नही हिचकिचाता, औरतों की अस्मत के साथ क्या किया जा रहा है ,अखबार हमे रोज ही बता देते हैं , नकली दवा,घी , और ना जाने क्या क्या बना कर लोग पैसा कमा रहे है .. । मै पूँछती हूँ इन सभी में सरकार की भूमिका कहाँ है , क्या सरकार कहती है कि कत्ल करो ,चोरी करो , अपहरण करो , औरतों के साथ दुराचार करो , नही बिल्कुल नही । इसका सीधा सा मतलब निकलता है कि बुराई हम पैदा कर रहे हैं , हम देश को बुरा बना रहे हैं । क्यों नही समाज ऐसे लोगों का बहिष्कार करता जो बुरे कार्य हम सबके सामने कर रहे हैं । हम क्यों अपनी आँख तब तक बंद रखते है जब तक आग अपने घर में नही लगती । क्यों हमने अपनी आत्मा की आवाज को दबा दिया है ।


हर अच्छाई की पहल स्वयं से ही होती है । जब हम अच्छे बनेंगें त्तो देश तो स्वयं ही अच्छा बन जायगा ।

· हम सभी अपने प्रति ईमानदार बनें

· गलत के खिलाफ आवाज उठाने की पहल करें , और यदि कोई ऐसा करता है तो उसका सहयोग करें

· थोडे से लाभ के लिये अपने ईमान को खत्म ना करें
· अपने देश के प्रति जिम्मेदार बनें

· अपने ऊपर अपनी मेहनत पर भरोसा रखें (मेहनत करने वालों की कभी हार नही होती)

· दिन भर के कार्यों का आत्म विश्लेषण जरूर करें ।आपका मन आपका सच्चा साथी होता है ।वह कभी आपको गलत मार्ग पर नही जाने देगा ।

· अपनी बुराइयों को धैर्य से सुने , फिर चिन्तन करें कि दूसरों की बातों में कितनी सच्चाई है ।

हमारा ख्याल है ये बहुत मुश्किल तो नही , मगर अगर हम थोडा सा ध्यान दे तो बहुत कुछ सुधारा जा सकता है ।

देश को बचाने कि लिये ,आओ काम हम कुछ करें
सिर्फ दोष देने के बजाय ,अपने दोषों को दूर करें

Name

#amankapaigham,4,#avinash vachaspati,1,२७ रजब,2,aman,2,amankapaigham,102,arvind vidrohi,2,Asia,1,asl islam,2,blog,4,blog jagat,26,blogger,9,bloggers,11,bold,1,Civil disobedience,1,culture,22,current affairs,4,Death,1,Dipawali,1,Diwali,1,dosti,2,dua,1,e richshaw,1,Editorial,180,facebook,4,featured,19,festival,3,festivals,1,Hadith,1,headline,17,Hindi,5,Hindu,1,history,1,HIV/AIDS,1,http://blogsinmedia.com,1,India,6,jinn,1,love marriage,1,Maharashtra,2,mahila jagat,33,Mantra,1,Mumbai,2,Opposing Views,3,parents,1,peace message,59,politics,23,porn,1,portfolio,3,Religion and Spirituality,57,rizq,1,rose,1,s.m.masoom,4,S.M.MASUM,4,samaj,2,Shirdi,1,slut march,1,social issues,48,society,54,sport,1,talents,1,Teachings,22,The News International,2,vandana gupta,1,wikileaks,1,women issues,2,world,1,world issues,4,zeeshan zaidi,1,अख्तर खान अकेला,1,अंजना (गुडिया),1,अजय कुमार झा,1,अजादारी,2,अंधविश्वासी,1,अनवर जमाल,1,अनैतिक,3,अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस,1,अपर्णा त्रिपाठी "पलाश",1,अमन और शांति,2,अमन का पैगाम,66,अमित शर्मा,1,अयातुल्लाह सीस्तानी,1,अरुण चन्द्र रॉय,1,अलबेला खत्री,1,अश्लीलता,2,असंतुलन,4,अहलिबैत अलैहिमुस्सलाम,1,आंतिरक इच्छाओं,1,इमाम अली (अ.स),2,इमाम हुसैन,2,इंसान,1,इंसानियत,16,इस्मत जैदी,1,इस्लाम,16,ई रिक्शा,1,ईस्लाम छोडो आज़ादी कि राह मदद का वादा,1,एस एम् मासूम,2,एस.एम.मासूम,4,एहसान फरामोशी,7,ऑनर किलिंग,1,ओबामा,1,ओल्ड,1,कट्टरवादी,1,कर्बला,2,कविओं,1,कविता,2,काबा और कर्बला,1,कुरान,6,कुरीतियों,1,कुसुमेश,1,केवल राम,1,कौटुम्बिक व्यभिचार,1,खुशदीप सहगल,1,गाँधी,1,गिरिजेश कुमार,1,गुलाब,1,जागरूकता,1,जिन्न,1,जिहाद,6,जौनपुर,6,डा. रूपचन्द्र शाश्त्री “मयंक”,1,डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट,1,डॉ टी एस दराल,1,तारकेश्वर गिरी,1,दरिंदगी,1,दानिश" भारती,1,दीप पाण्डेय (विचार शून्य),1,देश भक्ति,4,दोषारोपण,2,दोहरे चरित्र,1,धर्मदर्शन,1,धर्मपत्नी,1,धार्मिक,1,नरेन्द्र मोदी,1,नाईट क्लब,1,निर्मला कपिला,1,पकोड़ा,1,पड़ोसी,1,पत्नी से मित्रता,1,परिवार,1,पवन कुमार मिश्र,1,पश्चिमी सभ्यता,1,पूजा शर्मा,1,पेंशन,1,पेंशन एक इस्लामी मशविरा,1,पॉलिटिक्स,1,पोर्न,2,फतवे,2,फ़ातिमा,2,फेसबुक,1,फ्रांस,1,बडबोले,4,बलात्कार,2,बुराईयों,1,बुर्का,1,बुर्क़े,1,बेअसत,1,बेशर्मी मोर्चा,1,बॉय फ्रेंड,1,ब्रिटेन,1,ब्लॉगजगत,1,ब्लॉगर,2,ब्लोग्गेर्स की दुनिया,9,भारतीय संस्कृति,6,भ्रष्ट,1,भ्रष्टाचार,2,भ्रष्टाचार अन्धविश्वासो,1,मस्तिष्क,1,महिला अधिकार,1,महिला जगत,16,माँ,6,मानसिक विकृतियों,1,मीनाक्षी पन्त,1,मुकेश कुमार सिन्हा,1,मुफज्ज़रनगर,1,मुंबई,1,मुसलमान,1,मुहर्रम,5,मैं एक मुस्लमान हूँ ?,1,मैथली शरण गुप्त,1,यौन आकर्षण,1,यौन हिंसा,1,रचना बजाज,1,रज़िया राज़,1,रश्मि प्रभा,1,राजनीति,3,राजनीती,5,राजेन्द्र स्वर्णकार,1,रिश्ते नाते,1,रेखा श्रीवास्तव,1,लता हया,1,लविंग जिहाद,1,लालकृष्ण आडवाणी,1,लिव-इन-रिलेशनशिप,1,वंदे मातरम्,1,वहम,2,विकास,1,विवाह,2,विवेक रस्तोगी,1,वीणा श्रीवास्तव,1,शक,2,शक या वहम,6,शराब. ब्लू फिल्म,1,शादी या लिवइन रिलेशनशिप,1,शाहनवाज़ सिद्दीकी,1,शिखा वार्ष्णेय,1,शिशु,1,शेयर मार्केट,3,संगीता पुरी,1,संजय भास्कर,1,सतीश सक्सेना,1,सदाचार,16,संपादकीय,7,समलैंगिक,1,समस्याएं,1,समाज,9,समाज के दो चेहरे,18,समीर लाल ’समीर,1,संस्कार,1,सहिफा इ सज्जडिया,2,सामाजिक भय,1,सामाजिक मुद्दे,1,साम्‍प्रदायि‍क सद् भाव,1,सिविल डिसओबिडियेन्स,1,सेक्स,2,हरकीरत हीर,1,हरदीप राणा जी,1,हिजाब,2,हिन्दू,1,
ltr
item
S.M.Masum: भृष्टाचार पर अंकुश की राह में एक कदम
भृष्टाचार पर अंकुश की राह में एक कदम
https://lh4.googleusercontent.com/_GGCW34kikAU/TUsYRVWXp3I/AAAAAAAAAXc/uD8Tadyqxps/palash_thumb1.jpg?imgmax=800
https://lh4.googleusercontent.com/_GGCW34kikAU/TUsYRVWXp3I/AAAAAAAAAXc/uD8Tadyqxps/s72-c/palash_thumb1.jpg?imgmax=800
S.M.Masum
https://www.smmasoom.com/2011/02/blog-post.html
https://www.smmasoom.com/
https://www.smmasoom.com/
https://www.smmasoom.com/2011/02/blog-post.html
true
8797138421869493963
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy