S.M.MAsoom

  • image01

    S.M.Masum"s Photo Blog

    Love for Nature and History

  • image02

    Friendly

    मारीशस सरकार की भोजपुरी स्पीकिगं यूनियन की चेयर मैन डा0 सरिता बुधू ने आज जौनपुर में एक कार्यक्रम में हिन्दी को विश्व स्तर पर प्रचार प्रसार करने वाले हमारा जौनपुर और पयाम ऐ अमन वेब साईट के संचालक एस एम् मासूम को सम्मानित किया।

  • image03

    Social Media Activist

    हमारा जौनपुर डॉट कॉम संचालक को जनपद का नाम रोशन करने के लिए पत्रकार रत्न से किया गया सम्मानित |

  • image04

    Insecure

    Jaunpur City in English

  • image05
  • image06

    World Peace

    Under guidence of Ahlulbayt

  • image07

    Voice of Jaunpur

    First website of Jaunpur in English

  • image08

    Guidence

    Guidence from Ahlulbayt in Hindi

Thursday, November 3, 2016

एक ब्लॉगर और फेसबुक यूजर की दुखभरी कहानी |


आज से ६ साल  पहले जब हिंदी ब्लॉगिंग में क़दम रखा तो बहुत से नए लोगों से जान पहचान हुयी और बहुत से मित्र बने उन्ही में से एक ब्लॉगर थे जिन्हें मेरी लेखनी समाज के हित में काम करना बहुत पसंद आता था | नाम मैं उनका नहीं देना चाहता क्यूँ की वो अक्सर मुझसे दिल की बातें किया करते थे और इस विश्वास के साथ की मैं उनकी बाते मैं किसी से नहीं बताऊंगा | आज वो दुनिया में नहीं रहे लेकिन उकी बातें अनके बिना छल कपट भरे विचार आज भी मेरा मार्गदर्शन किया करते हैं |

इतना अवश्य कहना चाहूँगा की वो ब्लॉगर बहुत अधिक चर्चित थे और बड़े बड़े ब्लॉगर उनकी तारीफ कमेन्ट से किया करते थे |

हमारे इन ब्लॉगर मित्र ने मुझसे एक दिन कहा मासूम साहब आपका ब्लॉग अमन का पैगाम बहुत बेहतरीन है और इसे ज़मीनी  स्तर पे लायें और काम करने की कोशिश करें जिसे मैंने मान भी लिया और आभासी दुनिया में अमन ,इंसानियत का पैगाम देने के साथ साथ ज़मीनी स्तर पे भी काम शुरू कर दिया जिसमे आज मुझे कामयाबी मिलने लगी है |


एक दिन उन ब्लॉगर मित्र ने मुझसे कहा मासूम साहब मेरा भरम टूट गया देखिये  मेरे कितने अधिक ब्लॉगर मित्र हैं ,मुझे गुरु मानते हैं लेकिन आज पता चला की सब अच्छे  दिनों के ही साथी है और देखिये मेरे फेसबुक पे कितने मित्र हैं कितने लाइक आते हैं वाह वाह हुआ करती है लेकिन जब मेरा बुरा वक़्त  आया तो कोई पास ना आया |

मामला कुछ ऐसा था की उन चर्चित ब्लॉगर और फेसबुक यूजर को यह लगता था की उनके चाहने वाले बहुत हैं लेकिन उनके दुःख की घडी जब आई और उन्होंने सोशल मीडिया पे मदद मांगी तो कोई पास नहीं आया| जो अनजान थे उनमे से तो कुछ ने उनसे संपर्क किया  और मदद भी करनी चाही लेकिन जो जान पहचान के थे वो तो गायब हो गए और जब कुछ दिनों बाद उनसे कारण पुछा तो बहाना एक जैसा की नेट चालु नहीं , किसी ने कहा देख नहीं सके इत्यादि |

कुछ ऐसे भी थे जो अपने ब्लॉग या फेसबुक से उनके लिए दुःख प्रकट करते रहे लेकिन उनसे मिले नहीं और कोई मदद भी नहीं की |

हाँ कुछ लोगों की मदद उन्हें मिली जिनसे उनके अनुसार उन्हें आशा नहीं थी क्यूँ की रिश्ते बहुत गहरे नहीं थे |
आज इस लेख को लिखने का मकसद केवल इतना है आप आभासी दुनिया के मित्रों को अपनी ताक़त ना समझ लें बल्कि वास्तविक  दुनिया में मित्र बनाएं उनके बुरे समय में काम आयें जिससे आपके बुरे समय में वो काम आ सके |

सोशल मीडिया से बने मित्रों से वास्तविक जीवन में मिलें और उन्हें बाहरी दुनिया में उनके काम से समझें या दुसरे शब्दों में कह सकते हैं की सोशल मीडिया के सहारे समाज में नेकियाँ फैलाएं और वास्तविक दुनिया में आपकी बातों से  प्रभावित लोगों से मिलके उन्हें समझें और मित्र बनाएं |
www.hamarivani.com


  • Blogger Comments
  • Facebook Comments

5 टिप्पणियाँ:

  1. सच है आभासी दुनिया के मित्र वास्तविक दुनिया से कोसों दूर होते हैं .... वैसे भी वास्तविक दुनिया में भी कितने बुरे दिनों के साथी होते हैं सभी जानते हैं ...
    मैं तो यही कहूँगी कि बहुत अपेक्षा किसी से भी नहीं रखनी चाहिए ..अपने पर विश्वास रखना चाहिए बस ...

    ReplyDelete
  2. यह दुनि‍या कि‍सी की नहीं है. जि‍तना नि‍भ जाए, उतना ही बेहतर. अलबत्‍ता बात जहां इस दुनि‍या से बाहर नि‍कल कर आपसी हो जाती है वहां इस दुनि‍या का होनाा न होना बराबर हो जाता है और, आपसी तालु
    क़ात अलग मंज़ि‍ल पर होते हैं

    ReplyDelete
  3. पोस्ट में आपने बड़े मर्म की बात कही है.

    http://www.hindisuccess.com/

    http://www.edutoday.in/

    ReplyDelete
  4. ऐसा महसूस हुआ जैसे अन्ना भाई उर्फ मुन्ना भाई जी की बात हो रही है ।

    ReplyDelete
  5. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन ’रंगमंच के मुगलेआज़म को याद करते हुए - ब्लॉग बुलेटिन’ में शामिल किया गया है.... आपके सादर संज्ञान की प्रतीक्षा रहेगी..... आभार...

    ReplyDelete

Item Reviewed: एक ब्लॉगर और फेसबुक यूजर की दुखभरी कहानी | 9 out of 10 based on 10 ratings. 9 user reviews.
Scroll to Top